WHAT IS INTERNET ? HOW DOES THE INTERNET WORK IN HINDI DESCRIPTION ?

1. INTERNET  --- इंटरनेट के काम करने के तरीके को समझने से पहले हमे इंटरनेट क्या है इश्को समझना पड़ेगा। INTERNET(INTERNATIONAL NETWORK COMPUTER ) मतलब दो या दो से अधिक कंप्यूटर का आपस मे connection होता है। इंटरनेट की हेल्प से आप दुनिया के किसी भी हिस्से की जानकारी पा सकते है। आप इंटरनेट की हेल्प से आप सोशल मीडिया की हेल्प से हज़ारो किलोमीटर बैठे अपने दोस्त ,रिस्तेदार को सन्देश या वीडियो कालिंग पर बात कर सकते है। 

2. INTERNET WORK --- इंटरनेट एक प्रोसेस पर work करता  है।  जैसे हमारे पास एक कंप्यूटर है और उस कंप्यूटर पर हम इंटरनेट की सुविधा लेना चाहते है।  हम इंटरनेट की जो भी सुविधा लेते है वो किसी ना किसी ISP(INTERNET SERVICE PROVIDER ) से लेते है।  इस ISP मे AIRTEL, VODAFONE , BSNL , MTNL आदि। इस पूरी प्रक्रिया को हम समझते है - ISP हमारे घर तक इंटरनेट की सुविधा देने के लिए बहुत सारी devices यूज़ करता है जैसे - DTE DEVICE , DCE DEVICE आदि। 

  • DTE DEVICE  --- DTE को हम ROUTER कहते है और ROUTER का काम होता है data packet को रूट करना। जिसकी  हेल्प से हमारा डाटा सिक्योर पाथ को फॉलो करते हुवे हमारा डाटा डेस्टिनेशन तक पहुँचता है।
  • DCE DEVICE --- DCE को हम MODEM कहते है DCE DEVICE का काम होता है data packet को modulate करना , और एक Network को दूसरे Network से कनेक्ट करना और इसमे इंटरनेट की कनेक्टिविटी देना। 


अब हम बात करेंगे की हम local Area मे home के लिए इंटरनेट कनेक्शन कैसे लेते है या मोबाइल पर इंटरनेट कनेक्शन कैसे  लेते है। हम इंटरनेट कनेक्शन होम के लिए मॉडेम (MODEM) की हेल्प से लेते है जिसमे DSL MODEM , DSL2 + MODEM हो सकता है। और मॉडेम का काम होता है एनालॉग सिग्नल को डिजिटल सिग्नल मे कन्वर्ट करता है। MODEM के बाद हमारा कनेक्शन एक DP पर जाता है DP का मतलब होता है DEMARCATION POINT . और ये DEMARCATION POINT हमारे एरिया मे एक खम्बा लगा होता है वही से DP की हेल्प से एक टेलीफोन लाइन हमारे घर  तक आती है। और DP हमारा कनेक्ट होता CO ऑफिस से जिसको हम सेंट्रल ऑफिस भी कहते है।  जहा से हमारे पूरी नेटवर्क एक्टिविटी को कण्ट्रोल किया जाता है।  और central office से TALNET पर जाता है। 

3. MOBILE PER INTERNET --- MOBILE पर जो हम इंटरनेट use करते है जो TALNET से जो radio frequecy आती है वो डायरेक्ट हमारे मोबाइल पर गिरती है और उसकी हेल्प से हम इंटरनेट कनेक्शन को उसे केर पाते है।  

4. IMPORTENT CONCEPT --- मान लो हमे दूर रखे जीमेल के सर्वर को एक्सेस करना है तो हम इस जीमेल सर्वर को कैसे एक्सेस कर पाते है तो इसके लिए जीमेल कंपनी हमसे LEASE LINE कनेक्शन लेती है basically वो ये connection TALNET से ले सकती है।  ये LEASE LINE connection बहुत हाई स्पीड प्रोवाइड करता है।  जब ये LEASE LINE कनेक्शन की हेल्प से हमारा TALNET GMAIL  SERVER से कनेक्ट हो जाता है। तो हम दूर रखे GMAIL SERVER को एक्सेस कर पाएंगे।  



INTERNET WORK




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