LAN SWITCHING TECHNOLOGY IN HINDI EXPLAIN ??

 LAN SWITCHING TECHNOLOGY ----- LAN SWITCHING TECHNOLOGY को हम 3 भागो में बांट सकते है। 

1.  Store-And-Forward Switching

2.  Cut-Through Switching

3.  Fragment-Free Switching

1. STORE-AND-FORWARD SWITCHING ----- ये Distributed Layer पर काम करता है जैसे ही switch को धीरे-धीरे डाटा receive होता रहता है तो वह उस डाटा को अपनी memory में store करता रहता है। यंहा हमारा switch पर total 1500 byte का डाटा Frame receve होता है जिसकी 64 byte Frame डाटा के हिसाब से checking होती है। और उसके बाद ये IP /MAC की table को match करते हुये destination device तक डाटा को पहुंचाता है। यदि किसी डाटा में कोई error होती है तो ये उस डाटा को destination पर जाने से रोकता है और उस error की CRC(CYCLIC REDUNDANCY CHECK )  बनाता है उसके बाद डाटा को फिर से Destination तक पहुंचाता है। 

2. CUT-THROUGH SWITCHING ---- ये हमारा access layer पर काम करता है इस switch पर जैसे ही 1500 byte का डाटा receive होता है। ये 64 byte के हिसाब से बिना error checking के डाटा को destination पर receive करवाने लगता है। 

3. FRAGMENT-FREE SWITCHING ------ ये CORE LAYER पर work करता है और ये बहुत advanced तरीके से work करता है क्योकि इसमें error आने के कोई chance नहीं होते है। इसलिए इसको जैसे ही डाटा receive होता है ये direct उस डाटा को बिना check किये destination device पर भेज देता है। 


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