WHAT IS COMPUTER VIRUS AND COMPUTER ANTIVIRUS ? HOW MANY TYPES OF THE COMPUTER VIRUS AND COMPUTER ANTIVIRUS ?
THREATS OR VIRUS ----- THREATS का हिंदी meaning होता है डर। और हमारे computer system में किसी harmful virus और unauthorized accessing का डर हमेशा बना रहता है। क्योकि harmful virus हमारे computer sysytem को नुकसान पहुंचाते है हमारा डाटा delete और replicate कर देते है। अभी हम कुछ virus का description नीचे पढ़ेंगे।
TYPES OF VIRUS ---
1. COMPUTER WORM
2. TROJAN VIRUS
3. FAT VIRUS
4. MEMORY RESIDENTIAL VIRUS
5. FILE INFECTED VIRUS
6. MICRO VIRUS
7. MALWARE PROGRAM
8. ROGUE SECURITY SOFTWARE (POP UP WINDOW )
9. MULTI-PARTITE VIRUS
10. BOOTING TIME VIRUS
11. BROWSER HACKER
12. WEB SCRIPTING VIRUS
13. PHISHING
14. POLYMORPHIC VIRUS
15. ROOTKIT /BACKDOOR
16. SPAM
17. BOTNET
अभी हम ऊपर के सभी 15 VIRUS को describe करेंगे।
1. COMPUTER WORM ------ इस तरह का virus यदि हमारे computer system या mobile device में आ जाता है तो ये हमारी file को replicate करना start कर देता है। यानि हमारी एक files की multiples copies बनाना start कर देता है। जो हमारे किसी भी device और computer system के लिए harmful होता है क्योकि इससे हमारी storage ज्यादा occupied (भरती ) होती है।
2. TROJAN VIRUS ------ कभी-कभी हम ऑनलाइन कोई software download करते है तो हमारा वो software download ना होकर कोई दूसरा software download हो जाता है और खुद से install होकर work भी करने लगता है। जिससे हमारी computer system की performance पर असर पड़ता है।
3. FAT VIRUS ------ FAT का मतलब होता है FILE ALLOCATION TABLE . ये VIRUS हमारी FILE जिस storage location पर जाकर store होती है ये virus वंहा जुड़ जाता है उस storage location infected कर देता है जिससे या तो file ठीक से रन नहीं हो पाती या वो फाइल remove हो जाती है। ये virus FAT और NTFS दोनों पर अपना effect कर सकता है।
4. MEMORY RESIDENTIAL VIRUS ------ ये virus हमारे RAM को infect करता है और RAM हमारी physical memory होती है। क्योकि currently जो भी हमारा work होता है वो RAM पर होता है बाद में ये Permanent Memory में जाकर स्टोर होती है। ये virus हमारी physical memory को पूरी तरह से occupied कर लेता जिससे हमारे current computer Program ठीक से रन नहीं हो पाता।
5. FILE INFECTED VIRUS ------ ये virus हमारे computer system और mobile device की file को infected कर देता है जिसकी वजह से हमारी फाइल का data delete हो सकता है या हमारी file भी डिलीट हो सकती है या तीसरा हमारी फाइल ठीक से run नहीं हो पाती ।
6. MICRO VIRUS ------ जब भी हम online कोई भी software download करते है तब ये virus उस software के साथ जुड़ा होता है और जैसे ही हम वो software download कर लेते है तब ये micro virus उस software के साथ ही हमारे computer system और मोबाइल device में install हो जाता है। और उस MICRO VIRUS का हमारे सॉफ्टवेयर के साथ install होने का हमे पता भी नहीं लगता। फिर जब हम उस सॉफ्टवेयर की help से काम करते है तब ये virus भी automatic उस software के साथ work करने लगता जो हमारे work पर बुरा effect डालता है ये हमारे work को save नहीं होने देता या उस work को delete भी कर सकता है।
7. MALWARE PROGRAM ------- ये भी एक तरह का ऐसा virus होता है जो हमारे computer system या mobile device में आ जाता है तो हमारे computer system को इतना ज्यादा slow कर देता है कि यदि हम एक key भी press करेंगे तो वो भी ठीक से work नहीं करेगी एक तरह से ये virus हमारे computer system की activities को stop ही कर देता है जिससे हमारे computer system की performance पर बहुत बुरा effect पड़ता है।
8. ROGUE SECURITY SOFTWARE ------- जब भी हम ऑनलाइन shopping करते है या कोई online work करते है तब हमे एक pop up window show होती है। उस pop up window में कुछ भी videos show करके हमसे click करने को बोलता है और जब हम उस pop up window पर click करके वो video देखने की कोसिस करते है तब हमे कुछ और ही video show कर देता है।
9. MULTI-PARTITE VIRUS ------ ये VIRUS multiple तरीके से work करता है। ये हमारी file को delete कर दे , फाइल के data को delete कर दे , computer के booting टाइम को इतना ज्यादा slow कर दे कि हमारा computer ठीक booting के आगे ही नहीं बढे या हमारे computer system को बहुत ज्यादा hang कर दे ।
10. BOOTING TIME VIRUS ------- ये VIRUS वो virus होता है जो हमारे computer system के booting time को बहुत ज्यादा infected करता है इसकी वजह से हमारा computer system booting करने में बहुत ज्यादा time लेता है। या कभी हमारा system booting करके ठीक से open ही नहीं हो पाता।
11. BROWSER HACKER ------ इसमें HACKER हमारे SYSTEM के BROWSER पर अपना control बना लेता है और जब भी हम browser की हेल्प से internet पर कुछ search करते है तो उसकी every information उस हैकर को पता लगती रहती है।
12. WEB SCRIPTING VIRUS ------ ये एक ऐसा VIRUS होता है जो HACKER किसी scripting language की help से design करके online डाल देता है और जब भी कोई user उस scripting program को access करने की कोसिस करता है तो उसका computer system या फिर other device उस hacker के control में आ जाती है।
13. PHISHING ------- PHISHING में हैकर हमारे website या किसी भी social साइट का duplicate page बनाकर online upload कर देता है और जब भी कोई computer यूजर उस duplicate या phishing page को access करने की कोसिस करता है तो उस user की confidential और private जानकारी उस hacker के पास चली जाती है।
14. POLYMORPHIC VIRUS ------- ये एक ऐसा VIRUS होता है जो Digital Signature बनाता है जब भी हम कोई software download करते है और वो software activate नहीं होता तो हम उस software के digital signature में change करके उसको activate कर देते है। लेकिन ये हमारे सिस्टम की परफॉरमेंस पर भी effect डालता है।
15. ROOTKIT /BACKDOOR ------- हैकर हमारे Network के vulnerable point पर attack करके एक ऐसा software upload कर देता जिससे वो हमारे Network में root level का access ले सके और जब चाहे हमारे Network से information को बार-बार उसी vulnerable point से आकर चुरा सके।
16. SPAM ------- SPAM भी एक virus की तरह ही काम करता है ये spam message कोई भी hacker या जिस इंसान को हमारे साथ froad करना है वो हमे SPAM message अच्छे तरीके से किसी भी चीज का offer देकर भेज सकता है। इसलिए इस spam message के offer को हमे हमेशा ignore करना चाहिए।
17. BOTNET ------- यदि hacker को किसी server को down करना होता है तो वो BOTNET की हेल्प लेता है ये एक ऐसा Process होता है जिसमे hacker अपने computer की helps से दूसरे के बहुत सारे computer को use करके एक Army बना लेता है और उस computer Army को अपने computer से कण्ट्रोल करता है। वह अपने computer से सभी computer की Army को एक command की help से उस target server को Ping request send करने को बोलता है। जब server की clients की ping request accept करने की capacity कम हो और उसको उसकी limit से ज्यादा ping आने लगे तो ऐसे condition में वो server down हो जाता है। फिर इसके बाद वो अपने clients को भी services नहीं दे पाता।

No comments:
please don't use bad comment and abusing words.